सियासत | 4-मिनट में पढ़ें
शरद - उद्धव नहीं बचा सके, अखिलेश आखिर कैसे बचाएंगे सपा!
सपा के टूटने की संभावनाओं में शिवपाल यादव को पार्टी की कमज़ोर कड़ी माना जा रहा है.राजनीतिक पंडितों का कहना है कि शरद पवार को देश की राजनीति का चाणक्य माना जाता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक ये बात कह चुके हैं कि शरद पवार देश के सबसे वरिष्ठ और परिपक्व नेता हैं.
सियासत | 2-मिनट में पढ़ें
शरद पवार को अजित ने गुरु दक्षिणा में दिया धोखा !
अजित पवार ने अपने चाचा से सियासत की एबीसीडी सीखी है, अपने गुरु और चाचा शरद पवार को धोखा देकर उन्होंने प्रमाणित कर दिया कि अब वो सियासत का महत्वपूर्ण सेमेस्टर पास कर चुके हैं. अजित पवार ने साबित कर दिया कि राजनीति में गुरु दक्षिणा में धोखा भी दिया जाता है.
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कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, यूं शरद पवार इस्तीफा देने का ऐलान नहीं करते !
कयास खूब लग रहे हैं और सारे के सारे या तो पॉलिटिकल पंडित लगा रहे हैं या पॉलिटिकल पार्टियां लगा रही हैं सिवाय सत्ताधारी पार्टी यानी बीजेपी के. बीजेपी के नेता 'नो कमेंट्स' मोड में हैं. दरअसल बीजेपी का यही अनकहा अंदाज पूरे विपक्ष की हवा ख़राब कर दे रहा है.
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शरद पवार को लेकर देवेंद्र फडणवीस ने अजीब दावा क्यों किया है?
नवंबर, 2019 में अपनी सरकार बनाने को लेकर देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने जो दावा किया है, शरद पवार (Sharad Pawar) ने सफेद झूठ करार दिया है. ऐसे में जबकि बीजेपी और एनसीपी आमने सामने आ गये हैं - उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) भी सीन में कहीं हैं क्या?
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CM का पद देने पर भी एकनाथ शिंदे नहीं आ रहे, यानी बागियों की चिंता सत्ता नहीं कुछ और है
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके सलाहकार संजय राऊत, एकनाथ शिंदे की बगावत को नारायण राणे और छगन भुजबल की बगावत जैसा मानने की भूल कर रहे हैं. राणे और भुजबल सेना छोड़कर ऐसे दलों में गए थे, जिसे रौंदते हुए महाराष्ट्र में सेना ताकत बनी थी. या तो सेना सरेआम हिंदुत्व की राजनीति से तौबा कर ले वरना एनसीपी-कांग्रेस से गठबंधन में उद्धव ठाकरे का भविष्य फिलहाल तो नहीं है.
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उद्धव ठाकरे के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी से ज्यादा जरूरी शिवसेना को टूटने से बचाना है
उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने सभी शिवसेना विधायकों को बातचीत के लिए बुलाया है. बागियों के नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) को भी. शिवसेना (Shiv Sena) नेतृत्व के सामने 31 साल बाद दोबारा चुनौती पेश की गयी है - और ये पहले के मुकाबले काफी बड़ा चैलेंज है.
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